अगर आपका बैंक में खाता है, या पोस्ट ऑफिस की किसी सेविंग स्कीम में पैसा लगा है, या आप PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे विकल्पों पर भरोसा करते हैं—तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है।
नई दिल्ली से आई जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एक बार फिर छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यह फैसला 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। यानी लगातार सातवीं तिमाही है जब ब्याज दरें जस की तस रखी गई हैं।
यह सिर्फ एक सरकारी नोटिफिकेशन नहीं है, बल्कि करोड़ों मध्यमवर्गीय और आम निवेशकों की बचत रणनीति से जुड़ा फैसला है। इस लेख में हम सिर्फ दरें नहीं बताएंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि
- इसका असर आपकी बचत पर क्या पड़ेगा
- किन लोगों के लिए यह अच्छा है और किनके लिए नहीं
- अब निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए
सरकार ने क्या फैसला लिया?
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में साफ कहा कि वित्त वर्ष 2025–26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च 2026) के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें पिछली तिमाही जैसी ही रहेंगी।
सरकार हर तिमाही इन दरों की समीक्षा करती है। लेकिन इस बार भी, ठीक पिछले छह क्वार्टर की तरह, कोई बदलाव नहीं किया गया।
किन-किन स्कीम्स की ब्याज दरें यथावत रहीं?
आइए एक-एक करके प्रमुख योजनाओं को समझते हैं:
सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana)
- ब्याज दर: 8.2%
- यह अभी भी सभी स्मॉल सेविंग स्कीम्स में सबसे ज़्यादा ब्याज देने वाली योजना है।
- खास तौर पर बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई इस स्कीम पर सरकार का भरोसा बरकरार है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
- ब्याज दर: 7.1%
- टैक्स फ्री रिटर्न और सरकारी गारंटी के कारण PPF आज भी लॉन्ग टर्म निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
- ब्याज दर: 7.7%
- मध्यम अवधि के सुरक्षित निवेश के लिए NSC को स्थिर विकल्प माना जाता है।
किसान विकास पत्र (KVP)
- ब्याज दर: 7.5%
- मैच्योरिटी: 115 महीने
- जिन निवेशकों को एक तय समय में पैसा दोगुना करने का भरोसा चाहिए, उनके लिए KVP आज भी प्रासंगिक है।
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS)
- ब्याज दर: 7.4%
- नियमित मासिक आय चाहने वाले रिटायर्ड या सीनियर निवेशकों के लिए अहम स्कीम।
पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट
- ब्याज दर: 4%
- हालांकि रिटर्न कम है, लेकिन लिक्विडिटी और सुरक्षा के लिहाज से लोग इसे इस्तेमाल करते हैं।
3 साल की टर्म डिपॉज़िट
- ब्याज दर: 7.1%
लगातार सातवीं तिमाही कोई बदलाव क्यों नहीं?
यह सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जा रहा है—आखिर सरकार ब्याज दरें क्यों नहीं बढ़ा या घटा रही?
इसके पीछे कुछ व्यावहारिक कारण हैं:
1. महंगाई और ब्याज दरों का संतुलन
सरकार चाहती है कि:
- निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न मिले
- लेकिन ब्याज दरें इतनी ज़्यादा भी न हों कि सरकारी खर्च बढ़ जाए
2. फिक्स्ड इनकम निवेशकों को स्थिरता देना
बार-बार दरें बदलने से आम निवेशक भ्रमित होता है। लगातार एक जैसी दरें रखने से लोगों को अपनी प्लानिंग करने में आसानी होती है।
3. पहले ही पर्याप्त आकर्षक दरें
8.2% (सुकन्या) और 7.7% (NSC) जैसी दरें, आज के समय में बैंक FD से बेहतर मानी जाती हैं।
बैंक अकाउंट होल्डर्स के लिए इसका क्या मतलब?
जिनके लिए यह अच्छी खबर है:
- रिटायर्ड लोग
- मध्यम वर्गीय परिवार
- वो लोग जो जोखिम नहीं लेना चाहते
- माता-पिता जो बच्चों के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं
इन लोगों को यह राहत मिलती है कि उनका रिटर्न कम नहीं हुआ।
जिनके लिए थोड़ी निराशा:
- जो लोग उम्मीद कर रहे थे कि ब्याज दरें बढ़ेंगी
- जिनकी बचत पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है
क्या FD से बेहतर हैं ये स्मॉल सेविंग स्कीम्स?
आज की तारीख में:
- ज्यादातर बैंक FD: 6.5%–7%
- स्मॉल सेविंग स्कीम्स: 7.1%–8.2%
साथ ही:
- सरकारी गारंटी
- टैक्स बेनिफिट (PPF, NSC)
- लंबी अवधि की स्थिरता
इसी वजह से, बहुत से लोग FD की जगह इन योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
1. सिर्फ ब्याज देखकर फैसला न करें
हर स्कीम का मकसद अलग है—
- PPF: रिटायरमेंट
- Sukanya: बेटी का भविष्य
- MIS: नियमित आय
2. पोर्टफोलियो में संतुलन रखें
सारी बचत सिर्फ एक ही स्कीम में डालना समझदारी नहीं है।
3. लॉन्ग टर्म सोचें
इन स्कीम्स की असली ताकत लंबी अवधि में दिखती है, न कि एक-दो साल में।
क्या आने वाले समय में दरें बदल सकती हैं?
सरकार हर तिमाही समीक्षा करती है।
अगर:
- महंगाई बढ़ती है
- या RBI की पॉलिसी बदलती है
तो भविष्य में दरों में बदलाव संभव है। लेकिन फिलहाल सरकार स्थिरता के मूड में दिख रही है।
आम आदमी के लिए राहत की खबर
इस फैसले को अगर एक लाइन में समझें, तो— सरकार ने बचत करने वालों की थाली से कुछ नहीं छीना, लेकिन उसमें कुछ नया भी नहीं जोड़ा। जो लोग पहले से इन स्कीम्स में निवेश कर रहे हैं, उनके लिए यह भरोसे की खबर है। जो नए निवेशक हैं, उनके लिए यह मौका है कि वे बिना जल्दबाज़ी, सोच-समझकर फैसला लें।
आज के अनिश्चित आर्थिक माहौल में, स्थिरता भी एक बड़ी राहत होती है—और यही इस फैसले का सबसे बड़ा संदेश है। अगर आपका भी बैंक खाता है, तो यह खबर सिर्फ पढ़ने की नहीं, समझने और प्लान करने की है।