नए साल की शुरुआत निवेशकों के लिए हमेशा एक खास संकेत लेकर आती है। 2026 के पहले कारोबारी सत्र में सोना (Gold) और चांदी (Silver) दोनों ही सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार हलचल बड़ी नहीं बल्कि संयमित और सतर्क नजर आ रही है। जहां एक तरफ सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई है, वहीं दूसरी ओर चांदी में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति बताती है कि बाजार फिलहाल 2025 की जबरदस्त तेजी के बाद सांस ले रहा है।
2026 की पहली ट्रेडिंग
2026 के पहले कारोबारी दिन पर सोने की कीमतों में कोई बड़ी उछाल नहीं दिखी, लेकिन पूरी तरह ठहराव भी नहीं है। दोपहर 1:00 बजे के आसपास:
- 24 कैरेट सोना ₹135,890 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था
- यह कल के बंद भाव से ₹40 प्रति 10 ग्राम अधिक था
- 22 कैरेट सोना ₹124,566 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा
यह बढ़त भले ही बहुत छोटी लगे, लेकिन इसका संकेत साफ है—निवेशक अब भी सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। चांदी की बात करें तो यहां तस्वीर थोड़ी अलग है।
- चांदी की कीमत लगभग 0.4% गिरकर ₹234,910 प्रति किलो के आसपास पहुंच गई
यह गिरावट बताती है कि औद्योगिक मांग और मुनाफावसूली, दोनों का असर चांदी पर फिलहाल ज्यादा दिख रहा है।
2025 में सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने इतिहास रचा
अगर 2026 की शुरुआत को सही मायने में समझना है, तो 2025 पर नजर डालना जरूरी है।
सोने (Gold) का शानदार साल
2025 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 64% की बढ़त दर्ज की गई। इसके पीछे कई बड़े कारण रहे:
- दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी
- भू-राजनीतिक तनाव (युद्ध, ट्रेड विवाद, वैश्विक अस्थिरता)
- अमेरिका में मौद्रिक नीति में ढील के संकेत
- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव
सोना एक बार फिर साबित कर गया कि अनिश्चितता के दौर में वह सबसे भरोसेमंद सुरक्षित निवेश बना रहता है।
चांदी (Silver) की ऐतिहासिक छलांग
2025 में चांदी ने तो निवेशकों को चौंका दिया।
- अंतरराष्ट्रीय स्पॉट silver की कीमतों में करीब 150% की तेजी
- दिसंबर के आखिर में कीमतें $80 प्रति औंस के पार
इसके पीछे मुख्य वजहें थीं:
- इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और टेक्नोलॉजी सेक्टर से बढ़ती औद्योगिक मांग
- सप्लाई कंस्ट्रेंट और खनन में सीमित बढ़ोतरी
- ऐतिहासिक रूप से कम इन्वेंट्री
यानी चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं रही, बल्कि औद्योगिक मेटल + निवेश एसेट दोनों की भूमिका में दिखी।
आज के ताजा भाव: आपके शहर में सोने की कीमत
दोपहर 1:30 बजे तक देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम इस प्रकार रहे:
Gold Price Today in Major Cities
| शहर | 24K सोना (₹/10 ग्राम) | 22K सोना (₹/10 ग्राम) |
| मुंबई | ₹135,700 | ₹124,392 |
| दिल्ली | ₹135,440 | ₹124,153 |
| चेन्नई | ₹136,070 | ₹124,731 |
| कोलकाता | ₹135,490 | ₹124,199 |
* भाव 1:30 बजे के अनुसार
शहरों के बीच कीमतों का यह अंतर स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और डिमांड-सप्लाई के कारण होता है। चेन्नई में पारंपरिक रूप से सोने की मांग ज्यादा रहने के कारण वहां कीमतें थोड़ी ऊंची नजर आती हैं।
MCX Gold Futures मार्केट क्या कह रहा है?
स्पॉट मार्केट के साथ-साथ फ्यूचर्स मार्केट से भी संकेत मिलते हैं।
- MCX गोल्ड फरवरी 2026 फ्यूचर
- 0.06% की मामूली तेजी
- भाव: ₹1,35,530 प्रति 10 ग्राम
- दिन का उच्च स्तर: ₹1,35,559
- दिन का निचला स्तर: ₹1,35,080
ध्यान देने वाली बात यह है कि आज अंतरराष्ट्रीय बाजार न्यू ईयर की छुट्टी के कारण बंद हैं। ऐसे में घरेलू बाजार में बहुत ज्यादा हलचल नहीं दिखी।
चांदी: आज के ताजा रेट
चांदी की कीमतों में आज हल्की कमजोरी देखी गई।
Silver Price Today in Major Cities
| शहर | चांदी (₹/किलो) |
| मुंबई | ₹234,450 |
| दिल्ली | ₹234,190 |
| चेन्नई | ₹235,280 |
| कोलकाता | ₹234,280 |
* भाव 1:30 बजे के अनुसार
लोकल मार्केट में चांदी लगभग ₹235,140 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी, जो करीब 0.4% की गिरावट दर्शाता है।
MCX Silver Futures में भी कमजोरी
- MCX सिल्वर मार्च डिलीवरी
- 0.3% की गिरावट
- भाव: ₹2,35,093 प्रति किलो
यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में चांदी में थोड़ी और अस्थिरता बनी रह सकती है।
2026 की शुरुआत में सोना स्थिर क्यों है?
कई निवेशक यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब 2025 इतना मजबूत रहा, तो 2026 की शुरुआत शांत क्यों है?
इसके पीछे कुछ व्यावहारिक कारण हैं:
- निवेशकों की मुनाफावसूली
- नए साल में बड़े वैश्विक डेटा का इंतजार
- फेडरल रिजर्व और अन्य सेंट्रल बैंकों की नीतियों पर नजर
- भू-राजनीतिक हालात में फिलहाल कोई बड़ा झटका नहीं
मतलब साफ है—बाजार फिलहाल संतुलन बना रहा है, न कि दिशा बदल रहा है।
आम निवेशक क्या समझे इस स्थिति से?
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आज का माहौल आपको यह सिखाता है:
1. सोना अभी भी सुरक्षा का प्रतीक है
मामूली बढ़त के बावजूद सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। यह बताता है कि लॉन्ग टर्म में भरोसा कायम है।
2. चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहेगा
चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग से जुड़ी होती हैं, इसलिए इसमें गिरावट और तेजी दोनों तेज हो सकती हैं।
3. जल्दबाजी नुकसान कर सकती है
2025 जैसी तेजी हर साल नहीं आती। 2026 में रणनीति ज्यादा जरूरी होगी।
निवेश के नजरिए से सोना और चांदी
यह लेख निवेश सलाह नहीं है, लेकिन अनुभव के आधार पर कुछ बातें समझी जा सकती हैं:
- अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो सोना अब भी पोर्टफोलियो का संतुलन बनाए रखता है
- चांदी उन निवेशकों के लिए है जो थोड़ा जोखिम झेल सकते हैं
- एकमुश्त खरीद की बजाय सिस्टमेटिक तरीके से निवेश ज्यादा समझदारी है
2026 के पहले दिन सोना और चांदी कोई बड़ा शोर नहीं मचा रहे, लेकिन चुप्पी में भी संकेत होते हैं। सोना स्थिर है, चांदी थोड़ी कमजोर—यह बताता है कि बाजार अब आंकड़ों, नीतियों और वैश्विक घटनाओं का इंतजार कर रहा है।
2025 ने जो ऊंचाइयां दिखाई थीं, उनका असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि 2026 सिर्फ स्थिरता का साल होगा या फिर एक और बड़ा अध्याय लिखेगा।