शेयर बाज़ार में कई बार गिरावट किसी वैश्विक संकट या आर्थिक आंकड़ों से नहीं, बल्कि सरकार के एक फैसले से भी आ जाती है। इस हफ्ते कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब केंद्र सरकार की नई excise duty ने तंबाकू कंपनियों के शेयरों को जोर का झटका दिया।
सुबह होते ही ITC और Godfrey Phillips जैसे बड़े नाम लाल निशान में डूब गए। ITC करीब 6% टूट गया और Godfrey Phillips में लगभग 10% की गिरावट देखी गई।
इस लेख में हम सिर्फ खबर नहीं दोहराएंगे, बल्कि समझेंगे कि:
- सरकार ने ये कदम क्यों उठाया
- एक्साइज ड्यूटी का सीधा असर कंपनियों पर कैसे पड़ेगा
- निवेशकों की घबराहट जायज़ है या नहीं
- और आगे इन शेयरों का रास्ता क्या हो सकता है
नई Excise Duty
दिसंबर 2025 में संसद ने Central Excise (Amendment) Bill, 2025 को मंजूरी दी। इस बिल के जरिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर लगने वाली अस्थायी लेवी को हटाकर स्थायी और ज्यादा सख्त excise duty लागू करने का रास्ता साफ किया गया।
सरकार ने साफ कर दिया है कि:
- सिगरेट पर अब GST के अलावा अलग से एक्साइज ड्यूटी लगेगी
- यह ड्यूटी सिगरेट की लंबाई के आधार पर तय होगी
- 1 फरवरी से नई दरें लागू होंगी
सरल भाषा में कहें तो, अब सिगरेट पहले से कहीं ज्यादा महंगी पड़ेगी—कंपनी के लिए भी और उपभोक्ता के लिए भी।
कितनी बढ़ी एक्साइज ड्यूटी?
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक:
- प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक पर
- ₹2,050 से ₹8,500 तक Excise Duty लगेगी
- यह दर सिगरेट की लंबाई पर निर्भर करेगी
भारत में पहले ही सिगरेट पर टैक्स का बोझ लगभग 53% है, जिसमें:
- 28% GST
- और साइज के आधार पर अतिरिक्त वैल्यू आधारित टैक्स शामिल है
WHO का मानना है कि तंबाकू पर टैक्स 75% तक होना चाहिए ताकि खपत कम हो। सरकार का यह कदम उसी दिशा में माना जा रहा है।
ITC और Godfrey Phillips पर सीधा असर क्यों पड़ा?
ITC
ITC का कारोबार सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है—FMCG, होटल, पेपर और एग्री बिज़नेस भी इसमें शामिल हैं। इसके बावजूद:
- सिगरेट बिज़नेस अभी भी कंपनी के मुनाफे का बड़ा हिस्सा है
- जैसे ही टैक्स बढ़ता है, मार्जिन पर असर पड़ता है
ICICI Securities के अनुसार:
- 75–85 mm सिगरेट पर कुल लागत में 22–28% की बढ़ोतरी होगी
- 75 mm से लंबी सिगरेट ITC के कुल वॉल्यूम का करीब 16% हैं
- इन सिगरेटों की कीमत में ₹2–3 प्रति स्टिक की बढ़ोतरी हो सकती है
यही कारण है कि बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और ITC के शेयर 6% से ज्यादा टूट गए।
Godfrey Phillips
Godfrey Phillips की कहानी थोड़ी अलग है:
- कंपनी का बिज़नेस ITC की तरह डाइवर्सिफाइड नहीं है
- तंबाकू पर निर्भरता ज्यादा है
- टैक्स बढ़ने का असर सीधा और तीखा पड़ता है
नतीजा:
- शेयर एक ही दिन में करीब 10% टूट गया
- निवेशकों ने बिना ज्यादा सोचे बिकवाली शुरू कर दी
शेयरों की मौजूदा स्थिति
ITC
- हाल के 5 दिनों में गिरावट: ~6%
- पिछले 6 महीनों में गिरावट: ~8%
- शेयर कीमत: ₹378.45
- P/E Ratio: 25.02
- Market Cap: ₹4.76 लाख करोड़
ITC को अब भी एक डिफेंसिव स्टॉक माना जाता है, लेकिन टैक्स से जुड़े झटके ने भरोसे को अस्थायी नुकसान पहुंचाया है।
Godfrey Phillips
- 5 दिनों में गिरावट: ~12%
- 6 महीनों में गिरावट: ~16%
- 2025 में अब तक उछाल: 48%
- P/E Ratio: 43.45
- Market Cap: ₹38,864 करोड़
यहां दिलचस्प बात यह है कि लंबी अवधि में स्टॉक ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन वैल्यूएशन पहले से ही ऊंचा था—जिससे गिरावट और तेज हो गई।
निवेशकों में डर क्यों?
सरकारी टैक्स फैसले निवेशकों के लिए डरावने इसलिए होते हैं क्योंकि:
- कंपनियों का कंट्रोल नहीं होता
- मुनाफे का गणित बदल जाता है
तंबाकू सेक्टर में जोखिम हमेशा से रहा है—चाहे स्वास्थ्य नियम हों, विज्ञापन बैन हों या टैक्स। इसलिए जैसे ही सरकार सख्ती दिखाती है, निवेशक पहले बेचते हैं, बाद में सोचते हैं।
क्या यह गिरावट लंबी चलेगी?
यह सबसे अहम सवाल है।
Short Term
- शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा
- कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल्यूम घट सकता है
- निवेशक सतर्क रहेंगे
Long Term
- ITC जैसी कंपनियां कीमत बढ़ाकर टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं
- तंबाकू की मांग अचानक खत्म नहीं होगी
- FMCG और अन्य बिज़नेस ITC को सपोर्ट देंगे
Godfrey Phillips के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अगर कंपनी मार्जिन मैनेज कर पाती है तो स्थिरता लौट सकती है।
छोटे निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यहां सबसे जरूरी बात—घबराहट में फैसला न लें।
अगर आप पहले से निवेशक हैं:
- ITC में हैं तो सिर्फ टैक्स की वजह से बेचने की मजबूरी नहीं
- कंपनी का बिज़नेस मॉडल मजबूत है
- डिविडेंड यील्ड भी एक सपोर्ट फैक्टर है
अगर नए निवेश की सोच रहे हैं:
- जल्दबाज़ी न करें
- अगले कुछ हफ्तों का ट्रेंड देखें
- वैल्यूएशन और लॉन्ग-टर्म विज़न पर ध्यान दें
सरकार का नजरिया बनाम निवेशक का नजरिया
सरकार के लिए:
- स्वास्थ्य प्राथमिकता है
- WHO गाइडलाइंस के करीब जाना मकसद है
- टैक्स से राजस्व बढ़ेगा
निवेशक के लिए:
- मुनाफा और स्थिरता जरूरी है
- अचानक नियम बदलने से अनिश्चितता बढ़ती है
ITC और Godfrey Phillips में आई गिरावट एक नीतिगत झटका है, ऐसे समय में:
- खबर से ज्यादा असर को समझना जरूरी है
- भावनाओं से नहीं, तथ्यों से फैसला लेना चाहिए
शेयर बाजार में जो लोग सिर्फ कीमत देखते हैं, वे डरते हैं। जो लोग कारण और असर समझते हैं, वही मौके पहचानते हैं।