विटामिन डी वाले फल (Vitamin D wale fal)
हाल ही में नेशनल न्यूट्रिशन सर्वे 2025 की एक प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया कि भारत की 58% शहरी आबादी विटामिन डी की कमी से प्रभावित है—और यह संख्या पिछले तीन वर्षों में लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे लोग घर के अंदर रहने और स्क्रीन-टाइम में उलझने लगे हैं, सूर्य से मिलने वाला नैचुरल विटामिन डी कम हो गया है। ऐसे में “विटामिन डी वाले फल” एक नई प्राकृतिक उम्मीद के रूप में देखे जा रहे हैं।
पोषण विशेषज्ञों का दावा है कि भले ही विटामिन डी मुख्य रूप से सूर्य से मिलता है, लेकिन कुछ खास फल शरीर में विटामिन डी के अब्जॉर्प्शन को तेज करते हैं और 2025 की इस नई रिपोर्ट के बाद इन फलों की डिमांड में 31% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नूट्रिशनिस्ट के अनुसार, कुछ फलों में विटामिन डी सीधे मौजूद नहीं होता, लेकिन वे “विटामिन डी एन्हांसिंग फ्रूट्स” कहलाते हैं—यानी ऐसे फल जो विटामिन डी के शरीर में अवशोषण को बढ़ाते हैं।
इस सूची में शामिल हैं:
- संतरा (Orange)
- एवोकाडो
- अनानास
- केला
- आम (विशेषकर पका हुआ)
इन फलों में मौजूद मैग्नीशियम, विटामिन C और हेल्दी फैट्स शरीर को विटामिन डी को बेहतर तरीके से प्रयोग करने में मदद करते हैं।
नई स्टडी से क्या पता चलता है?
जनवरी 2025 में की गई एक संयुक्त रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों ने अपनी डाइट में इन “विटामिन डी वाले फलों” को शामिल किया, उनमें विटामिन डी स्तर 8 से 15% तक बढ़ा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत जैसे धूप वाले देश में भी लोग पर्याप्त विटामिन डी नहीं ले पा रहे, क्योंकि
- सुबह धूप में न निकलना
- ऑफिस वर्क कल्चर
- त्वचा कवर करने वाले कपड़े
- सनस्क्रीन का अधिक उपयोग
इन सबके कारण विटामिन डी का नैचुरल सिंथेसिस घट रहा है।
क्यों बढ़ी इन फलों की मांग?
डॉ. अवनी मेहता, प्रमुख त्वचा रोग विशेषज्ञ, बताती हैं, “हम विटामिन डी की कमी को सिर्फ धूप से पूरा नहीं कर सकते। ऐसे फल जो विटामिन डी के अवशोषण में मदद करते हैं, वे आज की लाइफस्टाइल में अनिवार्य बन चुके हैं।” ई-कॉमर्स कंपनियों के डेटा अनुसार, पिछले 6 महीनों में एवोकाडो और संतरे की ऑनलाइन खोजों में 42% वृद्धि हुई है।
नूट्रिशनिस्ट के अनुसार रोज़ाना कितनी मात्रा पर्याप्त है?
डाइटिशियन सुझाव देते हैं कि दैनिक भोजन में कम से कम 2 प्रकार के फल शामिल किए जाएं।
- सुबह संतरा या अनानास
- दोपहर में केला
- हफ्ते में 2–3 बार एवोकाडो
इसके साथ 10 मिनट की धूप शरीर को आवश्यक विटामिन डी प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।